एमआरआई (MRI) और सीटी स्कैन (CT Scan) में क्या अंतर होता है

एमआरआई (MRI) और सीटी स्कैन (CT Scan) दोनों का ही उपयोग हमारे शरीर के अंदर के अंगो को देखने के लिए किया जाता है। 

सीटी स्कैन और एमआरआई दोनों ही इमेजिंग (फोटो) जांचे होती हैं। 

सीटी स्कैन और एमआरआई दोनों ही हमारे शरीर के अंदरूनी अंगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं। 

एमआरआई का मतलब होता है Magnetic Resonance Imaging और यह एक शक्तिशाली चुम्बक की सहायता से किया जाता है।

सीटी स्कैन का मतलब होता है Computed Tomography Scan और इसमें कई सारे X-Ray को मिलाकर एक पिक्चर बनाई जाती है।

लेकिन लोगों को इनके अंतर के बारे में जानकारी नहीं होती और अधिकतर लोग सीटी स्कैन और एमआरआई को एक ही समझ लेते हैं।

आइए समझते हैं कि

एमआरआई और सीटी स्कैन में क्या अंतर होता है?

1) सीटी स्कैन कई सारे X-Ray की सहायता से खींची गई एक पिक्चर होती है जबकि एमआरआई मैग्नेटिक फील्ड और रेडियो वेव की सहायता से बनी पिक्चर होती है।

2) एमआरआई की पिक्चर बहुत साफ और विस्तृत होती है जबकि सीटी स्कैन में विस्तृत जानकारी नहीं होती है।

3) एमआरआई महंगा होता है जबकि सीटी स्कैन सस्ता होता है।

4) सीटी स्कैन का उपयोग अधिकांश मामलों में ट्यूमर, फ्रैक्चर, इंटरनल ब्लीडिंग और कैंसर को पता लगाने में किया जाता है।

एमआरआई किसी भी अंग की बहुत ही विस्तृत जानकारी देता है इसलिए इसका उपयोग अधिकांश मामलों में निम्न अंगो में होने वाली दिक्कतों का पता लगाने में किया जाता है जैसे
घुटने, स्त्रियों की छाती, दिमाग, हार्ट, हड्डियो के जोड़ और शरीर की नसों को देखने के लिए
 
5) सीटी स्कैन की मशीन आवाज नहीं करती है जबकि एमआरआई की मशीन बहुत आवाज करती है इसलिए मरीज को कान में पहनने के लिए ईयर बड दिए जाते हैं ताकी मरीज को शोर कम महसूस हों।
 
6) सीटी स्कैन गर्भवती महिलाओं को नुकसान पहुंचा सकती है जबकि एमआरआई गर्भवती महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित होती है।
 
7) जिन मरीजों को पेसमेकर लगा होता है उनको एमआरआई नहीं करवाना चाहिए और पेसमेकर की जानकारी डॉक्टर को देनी चाहिए।
 
पेसमेकर लगाए हुए मरीज सीटी स्कैन आसानी से करवा सकते हैं।
 
8) सीटी स्कैन जल्दी हो जाता है जबकि एमआरआई में समय लगता है।
 

एमआरआई और सीटी स्कैन में क्या चुनें

एमआरआई और सीटी स्कैन दोनों की अपनी-अपनी उपयोगिता है।
मरीज के लिए सीटी स्कैन सही रहेगा या एमआरआई इसका निर्णय डॉक्टर मरीज की कंडीशन देखने के बाद अपने अनुभव से लेता है।
इमरजेंसी के मरीजों में अधिकांश डॉक्टर सीटी स्कैन करवाते हैं क्योंकि यह जल्दी हो जाता है।
जब मरीज की बीमारी के बारे में विस्तृत और सटीक जानकारी चाहिए होती है तो डॉक्टर एमआरआई करवाता है।

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