मुंबई के समुद्र तट पर इतने सारे सीमेंटेड कांक्रीट ब्लॉक्स क्यों पड़े हैं

 

समुंद्र किनारे जैसे कि मरीन ड्राइव के किनारे चार कोने वाले पत्थर क्यों रखे जाते हैं


आपने मुंबई में समुंद्र के किनारे कई सारे सीमेंटेड ब्लॉक्स देखे होंगे। 

इन सीमेंटेड कांक्रीट ब्लॉक्स को देखते वक्त हम सभी के दिमाग में यही प्रश्न आता है कि ये क्या हैं और समन्दर के किनारे क्यों पड़ा है, इनका यहां क्या प्रयोजन है। 

तो आज हम आपको बताएंगे कि ये क्या है और ये समुद्र के किनारे क्यों पड़े हैं। 

 

कांक्रीट ब्लॉक्स को ट्रेटापॉड कहते हैं

 

समुद्र के किनारे पड़े ये कांक्रीट ब्लॉक्स को ट्रेटापॉड कहते हैं। 

इनकी चार भुजाएं होती हैं इसलिए इनको ट्रेटापॉड कहा जाता है। 

ये सीमेंटेड ट्रेटापॉड समुद्र के किनारे इसलिए पड़े रहते हैं ताकि ये समुद्र से आने वाली तेज लहरों के वेग को कम कर सकें और इससे होने वाले नुकसान से किनारे को बचा सकें। 

इनकी बनावट इस तरह होती है कि ये एक जगह आसानी से फिक्स हो जाते हैं और आपस में आसानी से जुड़ जाते है जिससे कि ये अपनी जगह से हिल नहीं सकते। 

जब भी तेज गति से लहरे इनके पास आती हैं तो ये उनके वेग को आसानी से कम कर देते हैं और आस पास के किनारे, रोड या बिल्डिंग्स इनके प्रकोप से बच जाती हैं और साथ में इनकी ट्रेटापॉड डिजाइन के कारण पानी आसानी से वापस समुंद्र में चला जाता है।

हालांकि ट्रेटापॉड से प्राकृतिक नुकसान भी हैं जैसे कारण बहुत से समुद्रीय जीव घायल हो जाते है और मर जाते हैं। 

समुद्र की लहरों के साथ बहुत से समुद्रीय जीव ट्रेटापॉड से टकरा कर बुरी तरह घायल हो जाते हैं, ट्रेटापॉड के आस पास बहुत से समुद्रीय जीव मरे पड़े मिलते हैं जिनको देख कर काफी दुख होता है। 

 
ट्रेटापॉड से समुद्र की लहरें प्राकृतिक तरीके से स्पंदित नहीं हो पातीं जिससे आस पास के प्राकृतिक सिस्टम पर ग़लत प्रभाव पड़ता है। 
 
आशा है अब आप समझ गए होंगे कि समुद्र के किनारे पड़े ये कांक्रीट ब्लॉक्स क्या हैं और इनका प्रयोजन क्या है।


 
👇🏻
 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top