सांडे के तेल की सच्चाई क्या है | Sande Ka Tel Kya Hota Hai

सांडा का तेल नाम सुनकर हमारे दिमाग में प्रश्न आता है की सांडा का तेल क्या होता है, सांडा का तेल किस काम में आता है और सांडे का तेल कैसे बनता है

सांडा तेल का विज्ञापन हम सालों से न्यूज़ पेपर में देखते रहते हैं। गुप्त रोगों के लिए इसके तेल का इस्तेमाल अंधाधुंध होता है। 

पर क्या आपको पता है की सेक्स पावर बढ़ाने के नाम पर जिस तेल को बेचा जा रहा है असल में ऐसा कुछ भी नही होता। 

जी हां! बिल्कुल सही सुना आपने, सांडा के तेल का सेक्स पावर बड़ाने से कोई संबंध नहीं है, 

यह सिर्फ़ एक भ्रांति है और इस भ्रांति के कारण ना जानें कितने सांडा (यूरोमेस्टिक हार्डविकी) को मारकर विलुप्त प्राय कर दिया गया है। 

 

सांडे का तेल कैसे बनता है – Sande Ka Tel Kaise Banta Hai

 

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सांडा के दोनों पैरों में दो वसा की थैली होती है जिसे इसके पेट में चीरा लगा के निकाला जाता है। वसा को पिघला कर तेल निकाला जाता है जिसे हम सांडा का तेल कहते है।

एक सांडा से लगभग 4 ml तेल मिलता है यानी चार या पांच बूंद। 

यदि आपको 100 ml तेल चाहिए तो कम से कम 25 सांडा मारने होगें।

एक बार मे आप कम से कम आठ या दस बूंद का इस्तमाल करेंगे इसका मतलब हुआ कम से कम दो सांडा को मारना होगा।  
 
एक
सांडा से बहुत ही कम तेल निकलता है इसलिए इसका तेल बनाते वक्त इसमें कई
अन्य चीजों के तेल भी मिलाते हैं जैसे अश्वगंधा, शतावरी, लौंग, तिल, काला
जीरा, धतूरे आदि का तेल। 
 
इसके बाद सांडे के तेल में ये सब तेल मिलाकर इसको
पैक कर दिया जाता है।

सांडा जीव कैसा होता है – Sanda Janwar Kaisa Hota Hai

सरीसृप परिवार का छिपकली जैसा दिखने वाला ये प्राणी अब विलुप्त प्राय हो चुका है। 

यह जानवर दिखने मे भले ही डरावना लगे लेकिन असलियत में बहुत सीधा होता है। 

इसी सीधेपन का फायदा शिकारी उठाते हैं और इसका शिकार कर लेते हैं। 

यह जानवर शुष्क स्थान में पाया जाता है। भारत में यह राजस्थान और आस पास के इलाके में पाया जाता है।

सांडा एक शाकाहारी जीव है और ये बिना पानी पिए कई वर्षों तक जीवित रह सकते हैं। 

 
 
सांडा जमीन को खोदकर अपना बिल बनाते हैं और फिर उसे मिट्टी से ढंक देते है। 
 
ये जीव बारिश आने के पहले अपनें बिल को ढंक देते है जिससे लोग बारिश आने का अनुमान लगाते है। 
 
सांडा गर्दन कटने के बाद भी कई घंटो तक जीवित रह सकता है। सांडा के मजबूत पैर बिल खोदने के काम आते हैं। 
 
सांडा मादा एक बार में 10 से 15 अंडे देती है लेकिन इनमें से कुछ ही बच पाते हैं। 

 
शिकारी इसको पकड़ने के लिए ताजा मिट्टी ढूंढते हैं और फिर धुआं करके इसको बाहर निकल कर पकड़ लेते हैं। 
 
पकड़ने के बाद शिकारी इसका मांस खाने के लिए अलग कर लेते हैं और सांडा के दोनों पैरों में दो वसा की थैली को तेल के लिए निकाल लेते हैं।

सांडा तेल के फायदे – Sanda Oil Ke Fayde Hindi Mein

इसके तेल का उपयोग मांशपेशियों में रक्त के संचार को बढ़ाने के लिए किया जाता है। 
 
लेकिन ज्यादातर लोग इसका उपयोग गुप्त रोग अथवा सेक्स पावर बढ़ाने में करते हैं। 
 
इसके अंडे भी लोग खा जाते है क्युकी लोगो को लगता है की इसके अंडे खाने से मर्दाना ताकत में वृद्धि होती है लेकिन वास्तविकता कुछ और है।
 
इसके तेल को लगाने से आपके शरीर में रक्त का संचार तो तेज हो जायेगा लेकिन इसके साइड इफैक्ट भी होते हैं। 
 
इसकी मालिश से लिंग में अतिरिक्त मांस बनने लगता है जिससे आपको दिक्कत हो सकती है और आपका मूत्र मार्ग बंद हो सकता है अथवा आपको स्थाई नपुंसकता हो सकती है। 
 
इसका लगातार उपयोग आपके लिंग को डैमेज कर सकता है।

इससे ना तो लिंग के साइज में कोई वृद्धि होती है और ना ही आपके गुप्त रोग दूर होगे। 
 
इसलिए आपको इन सब चक्करों में नही पड़ना चाहिए। 
 
कुछ लोग जोड़ो के दर्द में इसका उपयोग करते है लेकिन जितने तेल के लिए आप 10 सांडा को मारेंगे उससे कम कीमत में आपको डॉक्टर से अच्छी और इफेक्टिव दवाई मिल जायेगी।
 
 
 

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